Wednesday, May 6, 2009
मौसम की पहली बारिश
Friday, April 24, 2009
परोपकार

Saturday, April 18, 2009
खुदा तेरा इन्साफ
छोटी गलती कि इतनी बड़ी सज़ा
और पाप करने वाले को
कर दिया तूने माफ़
जो रखती तेरे कितने व्रत उपवास
छीन ली तुमने उस से जीने कि आस
नही चाहा उसने किसी का बुरा
उसके सपनो को तुमने
क्यों रहने दिया अधूरा
लोगों के विश्वास से ऐसे मत खेल
वरना तू सिर्फ़ पत्थर ही कहलायेगा
फ़िर कोई तेरे दर पे
सर झुकाने भी नही आएगा
Friday, April 17, 2009
Short Story
" Sir you have got overnight success and became a hero. What would you say about that?"
Ford looked at him, gave a smile and said "Yes my dear friend I got overnight success and became hero, But to get this overnight success I had to spend hundreds of sleepless nights"
Moral of the story " People have very short term memory they cant remember how much efforts you have given to get success but they remember only immediate thing."
यहाँ के लोग
इतनी बड़ी सज़ा देते हैं लोग
कितनी आसानी से यहाँ
अपनों को भुला देते हैं लोग,
बाद मुद्दत के मिले और
पहचानने से भी गुरेज़ किया
क्या ऐसे भी अपनों को ठुकरा देते हैं लोग
Tuesday, April 14, 2009
बचपन की यादें

ये घटना भी उसी से सम्बंधित है ......उस बार जब गर्मी की छुट्टी में नानी जी के घर गए तो उनके यहाँ एक नई भैंस आ गई थी तो अब सबके पास चराने के लिए अपनी अपनी भैंस थी.......
शाम का वक्त था और हमे भैंस चराने की सूझी..... उनके घर के सामने ही एक बड़ा तालाब था जो बेचारा सूरज की तेज़ गर्मी बर्दाश्त नही कर सका और सूखने के कगार पर आ गया था, इस कारण उस में कीचड की मात्रा अधिक हो गई थी
तो भैंस की जंजीर का छल्ला अपने हाथ में पहन के बड़ी शान से भैस को ले कर हम चल पड़े, पीछे से मामा के लड़के ने भैंस को एक डंडा मार दिया......भैंस ने आव देखा न ताव सीधे तालाब की तरफ़ भागी....और हम भैंस के साथ खींचते जा रहे थे.... भैंस ने तालाब के इस किनारे से एंट्री मारी और दूसरे किनारे से निकली..... इस यात्रा में भैंस ने हमे अच्छी खासी कीचड़ छठा दी, जैसे तैसे भैंस शांत हुई और हमे किसी तरह सब ने निकाला....इस यात्रा के बाद हम कीचड में पूरी तरह लिपट चुके थे और काले काले भूत बन गए थे.....
अब भी जब कभी उनके घर जाते हैं तो सोच कर बड़ी हँसी आती है.... मामी जी तो अब भी पूछ लेती हैं "भइया भैंस चराने नही ले जाओगे".....
